बूंदी में गहन आबादी वाली जमीन को वन सीमा से मुक्त कराने की कार्यवाही शीघ्र होगी

बूंदी में गहन आबादी वाली जमीन को वन सीमा से मुक्त कराने की कार्यवाही शीघ्र
-राजस्व राज्य मंत्री

जयपुर, 9 फरवरी। राजस्व राज्य मंत्री अमराराम ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बूंदी सिटी के ग्राम देवपुरा के खसरा नं. 2 रकबा 202 बीघा जमीन को वन विभाग से मुक्त कराने के संबंध में वन संरक्षण नियम 1980 के तहत प्रत्यावर्तन के लिए नगर परिषद बूंदी द्वारा प्रस्ताव तैयार करवाया जा रहा है, जिसे शीघ्र केन्द्र सरकार को भेज दिया जायेगा।

अमराराम ने शून्यकाल में उठाए गये इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बूंदी पटवार हल्का के खसरा नं. 2 रकबा 202 बीघा जमीन वर्तमान में राजस्व रिकार्ड में गैर मुमकिन आबादी दर्ज है, जबकि इस भूमि पर गहन आबादी बसी हुई है।

राजस्व राज्य मंत्री ने बताया कि इस भूमि को 1982 में रामगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य में शामिल कर लिया गया था। यह भूमि 12 जनवरी 2017 को जारी वन विभाग की अधिसूचना के तहत वन्यजीव अभ्यारण्य रामगढ़ की सीमा के विमुक्त की गई है। क्षेत्रीय वन अधिकारी, वन्य जीव अभ्यारण्य रामगढ़ द्वारा इस भूमि को राज्य सरकार द्वारा मई 1964 जारी विज्ञप्ति के अनुसार वन खण्ड झरपीर का हिस्सा बताते हुए तहसीलदार बूंदी को पत्र लिखा गया । उन्होंने कहा कि वर्तमान में रामगढ़ अभ्यारण्य की सीमा से विमुक्त होने से रह गये आबादी क्षेत्र को मुक्त कराने के लिये सर्वे दल गठित कर, सर्वे का काम किया जा रहा है एवं शीघ्र ही इस दिशा में कार्यवाही की जायेगी।

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